विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति कौन सी है और कहा है ?

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duniya ki sabse badi murti kaun si hai

Duniya ki sabse badi murti kaun si hai  – क्या आप जानते हो की विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति कौन सी है? विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति कहां है ? और साथ ही बताएँगे की विश्व में सबसे बड़ी मूर्ति किसकी है अगर आप इस विषय पर पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अभी तक जरूर पड़े तो चलिए जानते हैं विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति के बारे में जानकारी।

विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति का नाम क्या है? और कहां स्थित है

विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है जो  भारतीय राज्य गुजरात के भरुच के निकट नर्मदा जिले में स्थित है। यह प्रतिमा अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी है

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की लंबाई कितनी है ? 

इसकी लंबाई 182 मीटर है, यानी 597 फीट। स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी की लंबाई 93 मीटर है और यह प्रतिमा गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर बनाई गई है और इसकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मूर्ति का वजन कितना है?

इस प्रतिमा का कुल वजन 1700 टन है इसके पैर की हाइट 80 फीट है हाथ की ऊंचाई 70 फीट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है इस प्रतिमा का निर्माण राम वी. सुतार की देखरेख में हुआ है।

इस प्रतिमा को बनाने में करीब 3 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया था  इसकी आधारशिला 31 अक्टूबर, 2013 को पटेल की 138वीं वर्षगांठ के टाइम रखी गई थी।

आपको बता दे की यह स्टैच्यू 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवा में भी स्थिर खड़ा रह सकेगा। इसके अलावा प्रतिमा 6.5 तीव्रता के भूकंप को भी सह सकती है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की लागत

इस मूर्ति के बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं।

प्रारम्भ में इस परियोजना की कुल लागत भारत सरकार द्वारा लगभग ₹3,000 करोड़ (US$438 मिलियन) रखी गयी ।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्यों प्रसिद्ध है?

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है,। सरदार बल्‍लभ भाई पटेल का जन्‍म 31 अक्टूबर  1875 में नाडियाड, गुजरात (Gujarat) में हुआ था, इनके पिता का नाम झवेरभाई पटेल एवं माता का नाम लाड़बाई था  ।

पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को उद्घाटन किया था इस दिन पटेल जयंती मनाई गई थी इस प्रतिमा के साथ-साथ 250 एकड़ में एक वैली ऑफ फ्लॉवर बनाया गया है। इसमें 100 से ज्यादा तरह के फूलों के पौधे लगाए गए हैं स्टैच्यू में 85 फीसदी तांबा का इस्तेमाल किया गया है।

 

इसके निर्माण कार्य और रखरखाव की जिम्‍मेदारी ली। 31 अक्‍टूबर, 2013 को स्‍टेच्‍यू आॅफ यूनिटी का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और अक्‍टूबर 2018 में लगभग 5 वर्ष बाद इसका निर्माण कार्य संपन्‍न हुआ।

स्टैचू ऑफ यूनिटी किसने बनाया है ?

इसे भारत की लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कंपनी ने बनाया है और स्टेचू इसके वास्तुकार राम सुतार थे इस मूर्ति के एक हाथ में मशाल और एक हाथ में किताब है किताब बायें हाथ में है जो 23 फीट 7 इंच लंबी और 13 फीट 7 इंच चौड़ी है स्टेचू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 22 मंजिला इमारत के बराबर है ।

स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी मूर्ति की रचना किसने की थी?

इस मूर्ति की रचना फ्रेडरिक बर्थोल्दी नामक मूर्तिकार ने की है लेकिन इस मूर्ति की कल्पना एडवर्ड लैब्युला नामक फ्रेंच व्यक्ति की थी और फ्रेडरिक बर्थोल्दी ने केवल इसे बनाया था।

इस मूर्ति पर 129 टन लोहे और मिट्टी मूर्ति बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था सरदार पटेल की इस विशालकाय मूर्ति का नाम है स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी 2011 में मोदीजी  सरदार ने वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट का गठन किया था।

इस मूर्ति को डिज़ाइन देने वाले राम वी सुतार को  पद्मभूषण सम्मान मिला था डिज़ाइन को रूप देने के लिए चीन के एक ढलाईघर जियांग्जी टोकिन कंपनी की मदद ली गई थी।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 50 मीटर / सेकेंड (180 किलोमीटर / प्रति घंटा) हवा के वेग और कंपन को झेलने में सक्षम है। प्रतिमा का निर्माण भूकंपरोधी संरचना के साथ भूकंपीय क्षेत्र IV को ध्यान में रखकर किया गया है।

इसके  निर्माण में 70,000 मेट्रिक टन सीमेंट का उपयोग किया गया था।

स्टैच्यू के वस्त्र पर जो बटन बनाए गएं हैं उनका व्यास 1.1 मीटर है

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की इस प्रतिमा के लिए ‘लोहा दान’ कैंपेन चलाया गया था देश के कई कोने-कोने से आम लोगों से लोहा दान में मांगा गया था जिसे पिघला कर प्रतिमा को बनाने में इस्तेमाल किया गया स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को ऐसे डिजाइन किया गया है कि भूकंप का झटका या 60 मीटर/सेकेंड जितनी हवा की रफ्तार भी इस प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।

स्टैचू ऑफ यूनिटी की टिकट कितनी है?

टिकट ऑनलाइन उपलब्ध होते है ऑब्जर्वेशन डेक व्यू के लिए एक व्यक्ति को 350 रुपए का टिकट लेना होता है जबकि एंट्री टिकट के लिए 3-15 साल वाले बच्चों को 60 रुपए और वयस्कों को 120 रुपए का टिकट लेना पड़ता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के ऊपरी हिस्से में 306 मीटर पैदल पथ को पूरी तरह से मार्बल से तैयार किया गया है।

दोस्तों हमीद कर दे इस पोस्ट में आपको जानकारी मिल गई होगी कि दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति कौन सी है तथा दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति का नाम क्या है और विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति कहां पर स्थित है इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस पोस्ट में विस्तार से बताएं हैं अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो उस पोस्ट को आप सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें और साथी कमेंट में बताएं कि कैसी लगी ये जानकारी ।

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