बल्ब का आविष्कार किसने किया था और कब ?

0
9 views

bulb ka avishkar kisne kiya tha uska naambulb ka avishkar kisne kiya tha uska naam

क्या आप जानते है बल्ब का आविष्कार किसने किया था ? जैसा कि आपको पता भी होगा की बल्ब के आविष्कार होने से पहले एक समय ऐसा भी था जब लोग रौशनी के लिए दिए, मोहम्बत्ति का इस्तमाल किया करते थे लेकिन इस प्रकार के चीज़ों का अगर सही तरीके से इस्तमाल नहीं किया गया था तो बहुत सी दुर्घटनाएं भी हो जाती थी लेकिन बल्ब का आविष्कार होते ही  मानो पुरे विश्व का चित्र ही बदल गया तो आज हम बात करेंगे बल्ब क्या होता है और इसका आविष्कार किसने किया था तो इस पोस्ट को पूरा पड़े ।

बल्ब क्या होता है ? What is Bulb In Hindi

आपको बता दू की यह एक  ऐसा उपकरण है जो की रौशनी प्रदान करता है यदि उसे विद्युत से जोड़ दिया जाये तब. अब आपको current जहाँ जहाँ भी मिलेगी वहीँ आप इस बल्ब का इस्तमाल कर सकते हैं बल्ब में एक तर होता है और जब उसके माध्यम से विद्युत प्रवाह किया जाता है तब वो गरम हो जाता है और रौशनी प्रदान करता है ।

बल्ब का आविष्कार किसने किया था ?  Who invented the bulb?

बल्ब का आविष्कार सन 1878 में थॉमस ऐल्वा एडीसन जी ने किया था एडीसन उस समय के एक जाने माने वैज्ञानिक थे। विद्युत के इस्तमाल से रौशनी पैदा करने का विचार सबसे पहले हम्फ्री डेवी के मन में आया था

उन्होंने  बिजली के साथ  और एक इलेक्ट्रिक बैटरी का आविष्कार भी किया जब वह अपने बैटरी और कार्बन का एक टुकड़ा करने के लिए तारों जुड़ा हुआ है, कार्बन Glowed, प्रकाश का निर्माण किया उसका आविष्कार इलेक्ट्रिक आर्क दीपक के रूप में जाना जाता था उन्होंने ही सबसे पहले ये दिखाया था की जब विद्युत को तारों के माध्यम से प्रवाह किया जाये तब वो तार गर्म होकर रौशनी पैदा करती है।

1850 में एक अंग्रेजी जोसेफ विल्सन हंस नामित भौतिक विज्ञानी एक खाली ग्लास बल्ब में कार्बनीकृत कागज तंतु संलग्न द्वारा एक “प्रकाश बल्ब” बनाया और 1860 तक वह एक काम प्रोटोटाइप था ।

लेकिन एक अच्छा वैक्यूम की कमी और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति एक बल्ब जिसका जीवन भर इतना भी प्रकाश की एक प्रभावी Prodcer विचार किया जाना कम था कुछ इतिहासकारों का मानना है की करीब 20 से भी ज्यादा inventors ने Light Bulb का design Edison जी से पहले तैयार किया हुआ था ।

बिजली के बल्ब का अविष्कार करने वाले थॉमस एडिसन कहा के थे?

थॉमस एडीसन  का जन्म 11 फरवरी 1847 को हुआ था यह अमेरिका के निवासी थे एडिसन बल्ब बनाने में 10 हजार बार से अधिक बार असफल हुए साल 1879 से 1900 तक ही एडिसन अपनी सारी प्रमुख खोजे कर चुके थे ।

और वह एक वैज्ञानिक के साथ-साथ एक अमीर व्यापारी भी बन चुके थे बता दें, पहली बार बल्ब बनाने में 40 हजार डॉलर की लागत आई थी एडीसन ने अपनी पहली प्रयोगशाला सिर्फ 10 साल की आयु में ही बना ली थी. उनकी मां ने उन्हें एक ऐसी पुस्तक दी जिसमें कई सारे रसायनिक प्रयोग दिए हुए थे।

एडिसन को यह पुस्तक भा गई और उन्होंने अपने सारे पैसे रसायनो पर खर्च करके यह सारे प्रयोग कर डाले उन्होंने ज्यादा रेसिस्टेंस वाली कार्बन थ्रेड फिलामेंट विकसित की, जो 40 घंटे तक चल सकती थी – 40 इलेक्ट्रि‍क लाइट बल्ब जलते देखने के लिए 3 हजार लोगों का हुजूम जुटा था. जिसके बाद न्यूयॉर्क सिटी में पर्ल स्ट्रीट पावर स्टेशन खोलने के बाद ग्राहकों को बिजली पहुंचानी शुरू की गई।

घर मे प्रयोग में किए जाने वाले बल्ब कितनी वोल्ट पर जलते है?

घर मे प्रयोग में लाये जाने वाले बल्ब 220 वोल्ट पर जलते हैं लेकिन रेलगाड़ियों में लगे बल्ब 24 वोल्ट पर, ट्रैक्टरों व मोटर साइकिल में 12 वोल्ट पर एवं टार्च में 1.5 वोल्ट पर जलते है

जैसा कि आपको पता भी होगा की इसमें टंगस्टन धातु का एक पतला कुण्डलीनुमा तन्तु लगा होता है। इस धातु का आक्सीकरण रोकने के लिये बल्ब के अन्दर निर्वात् कर दिया जाता है ।

इसका आवरण पतले काँच का बना होता है। कभी-कभी बल्ब के अन्दर पूर्णतः निर्वात् करने की बजाय उसमें आर्गन या नाइट्रोजन जैसी कोई अक्रिय गैस भर देते हैं। टंगस्टन धातु का प्रयोग इसलिये किया जाता है, क्योंकि इसका गलनाँक अत्यधिक(लगभग 3500°C) होता है। तन्तु में धारा प्रवाहित होने पर उसका ताप 1500°C से 2500°C तक हो जाता है।

आपको बता दूं कि बल्ब में अक्रिय गैस इसलिये भरते हैं, क्योंकि निर्वात् में उच्चताप पर टंगस्टन धातु का वाष्पीकरण हो जाता है तथा यह वाष्पीकृत होकर बल्ब की दीवारों पर चिपक जाता है इसे  ‘ब्लैकनिंग’  कहते है।

गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज एक ऐसा बल्ब ? 

क्या आपको पता है की अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित लिवरमोर शहर में एक बल्बहै जो पिछले 120 साल से लगातार जल रहा है. इस बल्ब के नाम कई रिकॉर्ड हैं. बताया जाता है कि इस बल्ब का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है ।

यह दुनिया का सबसे पुरान बल्ब है, जो अब तक जल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बल्ब फायरब्रिगेड विभाग के एक गैराज में लगा है। बल्बों में व्यय ऊर्जा का 5 से 10% भाग ही प्रकाश में परिवर्तित होता है। शेष ऊर्जा ऊष्मा में रूपान्तरित होकर बल्ब से बाहर निकल जाती है।

उम्मीद इस पोस्ट में आप जान गए होंगे । बल्ब का आविष्कार किसने किया था नाम बताइए और और बल्ब के बारे में पूरी जानकारी इस पोस्ट में दे दी है ।

Popular Posts –

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here