सर्वोच्च न्यायालय के बारे में पूरी जानकारी

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क्या आप जानते है सर्वोच्च न्यायालय क्या है और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य कार्य क्या है साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कौन है और इनका वेतन कितना होता है तो इस पोस्ट में सर्वोच्च न्यायालय के बारे में आपको सारी जानकारी बताने वाले है

सर्वोच्च न्यायालय क्या है ? 

भारत का उच्चतम न्यायालय या भारत का सर्वोच्च न्यायालय या भारतीय सुप्रीम कोर्ट भारत का शीर्ष न्यायिक प्राधिकरण है जिसे भारत का संविधान/भारतीय संविधान के भाग 5 अध्याय 4 के तहत स्थापित किया गया है

भारतीय संघ की अधिकतम और व्यापक न्यायिक अधिकारिता उच्चतम न्यायालय को प्राप्त हैं भारत के उच्चतम न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुआ और उसके बाद से इसके द्वारा 24,000 से अधिक निर्णय दिए जा चुके

भारत के उच्चतम न्यायालय ने भारतीय अदालत प्रणाली के शीर्ष पर पहुँचते हुए भारत की संघीय अदालत और प्रिवी काउंसिल की न्यायिक समिति को प्रतिस्थापित किया था।

सर्वोच्च न्यायालय का गठन कब हुआ था ?

सर्वोच्च न्यायालय का गठन संबंधी प्रावधान अनुच्छेद 124 के तहत किया गया है जो दिल्ली में स्थित है  सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या संशोधन विधेयक 2019 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा 33 अन्य न्यायाधीश होते हैं ।

सर्वोच्च न्यायालय में कितने न्यायाधीश होते हैं ? 

सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 8 न्यायाधीशों की व्यवस्था  की गई है बाद में काम के बढ़ते दबाव में 1956 में सर्वोच्च न्यायालय अधिनियम में संशोधन कर न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 11 की गई है 2009 में 31 की गई है

 

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यता ?

इनके न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा होती है सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है एक बार नियुक्त होने के बाद इसके अवकाश ग्रहण करने की आयु 65 वर्ष होती है

 

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का वेतन कितना है ? 

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों को 2,80,000 प्रतिमा न्यायाधीशों को 2,50,000 प्रतिमाह वेतन मिलता है।

सबसे अधिक समय तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहने वाले न्यायाधीश यशवंत विष्णु चंद्रचूर थे और सबसे कम मुख्य न्यायाधीश कमल नारायण सिंह थे ।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए योग्यताएं –

1. वह भारत का नागरिक हो ।

2. वह किसी उच्च न्यायालय अथवा दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो और किसी उच्च न्यायालयों न्यायालयों में लगातार 10 वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो या राष्ट्रपति की दृष्टि में कानून का उच्च कोटि का ज्ञाता हो ।

3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अवकाश प्राप्त करने के बाद भारत में किसी भी न्यायालय या किसी भी अधिकारी के सामने वकालत नहीं कर सकते हैं।

4. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति दिलाता है ।

5. मुख्य न्यायधीश राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति लेकर दिल्ली के अतिरिक्त अन्य किसी स्थान पर सर्वोच्च न्यायालय की बैठक बुला सकता है।

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का वर्णन कीजिए

प्रारंभिक क्षेत्राधिकार- यह निम्न मामलों में प्राप्त होता है जैसे

1. भारत संघ तथा एक या एक से अधिक राज्यों के मध्य उत्पन्न विवादों में और भारत संघ तथा कोई एक राज्य या अनेक राज्यों  में,

2.  एक या एक से अधिक राज्यों के बीच विवादों में,

3. प्रारंभिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय उसी विवाद को निर्णय के लिए स्वीकार करेगा जिसमें किसी तथ्य या विधि का प्रशन शामिल होगा।

अपीलीय क्षेत्राधिकार क्या है- 

यह देश का सबसे बड़ा अपीलीय न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय है इसे भारत के सभी न्यायालय उच्च न्यायालय केंद्रों के विरुद्ध अपील सुनने का अधिकार है इसके अंतर्गत तीन प्रकार के प्रकरण आते हैं जिसे संविधानिक, दीवानी, और फौजदारी।

परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार – राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह सार्वजनिक महत्व के विवादों पर सर्वोच्च न्यायालय का परामर्श मा सकता है अनुच्छेद (143 ) न्यायालयों न्यायालयों के परामर्श को स्वीकार या अस्वीकार करना राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करता है।

पुनर्विचार संबंधित क्षेत्राधिकार – संविधान के अनुच्छेद (137 )के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय को यह अधिकार प्राप्त है कि वह स्वयं द्वारा दिए गए आदेश या निर्णय पर पुनर्विचार कर सकती है ।

अभिलेख न्यायालय किसे कहते हैं ?

संविधान का अनुच्छेद (129) सर्वोच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय का स्थान प्रदान करता है कि इस न्यायालय के निर्णय सब जगह साक्षी के रूप में स्वीकार किए जाएंगे और इसकी प्रामाणिकता के विषय में प्रश्न नहीं किया जाएगा ।

मौलिक अधिकारों का संरक्षक किसे कहा जाता है ?

भारत का सर्वोच्च न्यायालय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का रक्षक है अनुच्छेद 32 सर्वोच्च न्यायालय को विशेष रूप से उत्तरदाई टहराता है कि वह मौलिक मौलिक अधिकारों को लागू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें न्यायालय मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश ,प्रतिषेध अधिकार पृच्छा लेख और उत्तप्रेषण जारी कर सकता है।

सर्वोच्च न्यायालय में संविधान के निर्वाचन से संबंधित मामले की सुनवाई करने के लिए मौलिक अधिकारों का संरक्षक किसे कहा जाता हैयह अनुच्छेद 145 (3 )के तहद  कहा गया है।

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के उद्घाटन समारोह का आयोजन संसद भवन परिसर के चेंबर ऑफ़ प्रिंसेस में किया गया था क्या आप जानते हैं कि 1937 से 1950 के बीच लगभग 12 वर्षों तक  चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस ही “भारत की संघीय अदालत” का भवन था आज़ादी के बाद भी 1958 तक चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस ही भारत के उच्चतम न्यायालय का भवन था, जब तक कि 1958 में उच्चतम न्यायालय ने अपने वर्तमान तिलक मार्ग, नई दिल्ली स्थित परिसर का अधिग्रहण किया गया था।

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय से जुडी जानकारी

1. भारत ने न्यायालय की एकल व्यवस्था कहाँ से प्राप्त की है?

 भारत सरकार अधिनियम, 1935 से

2. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को पदसे कौन हटा सकता है?

संसद और राष्ट्रपति 

3. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की वर्तमान सैलरी कितनी है?

 1 लाख रुपये

4. कौन सा अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की बात करता है?

अनुच्छेद 124

5. भारत का सर्वोच्च न्यायालय कहा है?

दिल्ली में

 

तो उम्मीद करते है इस पोस्ट में आपको भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के बारे में जानकारी मिल गयी होगी तो इस पोस्ट में हमने बताये है की भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कौन हैं और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है और इनका वेतन कितना होता है पूरी जानकारी इस पोस्ट बताई है  ।
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